क्या बदला
द वर्ज टेक की रिपोर्टिंग के आधार पर, यूरोपीय आयोग ने 23 जुलाई को अल्फाबेट पर 89 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया: सर्च में गूगल शॉपिंग, होटल्स और फ्लाइट्स को तरजीही व्यवहार देने के लिए 46 करोड़ यूरो, और डेवलपर्स को उपयोगकर्ताओं को वैकल्पिक भुगतान विकल्पों की ओर ले जाने से रोकने वाले प्ले स्टोर नियमों के लिए 43 करोड़ यूरो। गूगल के पास दोनों नीतियां बदलने के लिए 60 दिन हैं, अन्यथा उसे आवधिक दंड भुगतने पड़ सकते हैं।
यह क्यों मायने रखता है
यह बड़े जुर्माने से कम और ग्राहक तक पहुंचने के रास्ते पर नियंत्रण से अधिक जुड़ा मामला है। सर्च में स्थान और ऐप के भीतर चेकआउट, गूगल के दो सबसे व्यस्त टोल नाके हैं। आयोग का फैसला दोनों को एक साथ निशाना बनाता है।
यूरोप में एंड्रॉयड ऐप बेचने वाली कंपनियों के लिए व्यावहारिक अवसर यह है कि वे लोगों को गूगल की बिलिंग व्यवस्था के बाहर, प्ले स्टोर के भीतर या बाहर, कोई पेशकश दिखा सकें। इससे प्रत्यक्ष भुगतान संबंध अधिक व्यवहार्य हो सकता है: कोई कंपनी कम कीमत वाले विकल्प का परीक्षण कर सकती है, जान सकती है कि ग्राहक क्या चुनते हैं और खरीद अनुभव पर अधिक नियंत्रण रख सकती है। यह कितना महत्वपूर्ण बनेगा, यह इस पर निर्भर करता है कि गूगल के संशोधित नियम इन पेशकशों को कितना स्पष्ट बनाते हैं।
गूगल के यात्रा और तुलना उपकरणों से प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पादों के लिए सर्च संबंधी शर्त भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। “निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण” व्यवहार नियामकीय भाषा में भले सूखा लगे, पर इसका सवाल बहुत ठोस है: जब कोई व्यक्ति उड़ान, होटल या उत्पाद खोजता है, तो क्या परिणाम पृष्ठ प्रतिस्पर्धियों के सामने आने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ता है?
प्रभाव कैसे फैल सकते हैं
पहला कदम गूगल द्वारा वैकल्पिक भुगतान के प्रचार की अनुमति देना है। इसके बाद डेवलपर्स उपयोगकर्ताओं को ऐसे भुगतान विकल्पों की ओर भेज सकते हैं जिनकी लागत प्ले स्टोर बिलिंग से कम हो सकती है। यदि पर्याप्त डेवलपर्स इन पेशकशों को आसानी से खोजने योग्य बनाते हैं, तो उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग चेकआउट रास्ते और कीमतें दिखने लग सकती हैं।
इससे प्रोत्साहन सिर्फ गूगल और डेवलपर्स तक सीमित नहीं रहते। भुगतान विकल्प उत्पाद डिज़ाइन और ग्राहक हासिल करने का हिस्सा बन जाते हैं, केवल बैक-ऑफिस सेटिंग नहीं। हालांकि, यदि डेवलपर्स सादगी या भरोसे के कारण प्ले स्टोर बिलिंग पर ही टिके रहें, या गूगल का क्रियान्वयन प्रचार की तकनीकी अनुमति तो दे लेकिन उसे देखना कठिन बना दे, तो यह श्रृंखला टूट सकती है।
प्रभाव आकलन
- अल्फाबेट: तत्काल 89 करोड़ यूरो के जुर्माने और 60 दिन की परिचालन समय-सीमा के दायरे में। यदि बदलाव आयोग को संतुष्ट नहीं करते, तो आगे आवधिक दंड का जोखिम है।
- यूरोपीय संघ के उपयोगकर्ताओं को सेवा देने वाले एंड्रॉयड डेवलपर्स: कुछ ही हफ्तों में मोलभाव की क्षमता पा सकते हैं, क्योंकि वे केवल प्ले स्टोर बिलिंग पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक भुगतान पेशकशों का प्रचार कर सकेंगे।
- तृतीय-पक्ष तुलना सेवाएं: यदि गूगल सर्च प्रस्तुति या रैंकिंग प्रक्रियाओं में ऐसे बदलाव करता है जो अपनी सेवाओं को मिलने वाले तरजीही व्यवहार को घटाते हैं, तो उनकी प्रतिस्पर्धी स्थिति बेहतर हो सकती है।
- यूरोपीय संघ के एंड्रॉयड उपयोगकर्ता: उन्हें अधिक भुगतान विकल्प और संभावित रूप से सस्ती पेशकशें मिल सकती हैं। इसका संतुलन मिश्रित है: गूगल का तर्क रहा है कि इन रास्तों को खोलने से धोखाधड़ी और दुर्भावनापूर्ण लिंक का जोखिम बढ़ सकता है।
परिदृश्य
हमारा अनुमानित दृष्टिकोण: गूगल के 60 दिन की अवधि में यूरोपीय संघ तक सीमित, लक्षित बदलाव करने की संभावना सबसे अधिक है, क्योंकि फैसले में उन दो क्षेत्रों को स्पष्ट किया गया है जिन्हें बदलना है, जबकि गूगल को अपनी व्यापक सर्च और प्ले स्टोर संरचना का बड़ा हिस्सा बनाए रखने की गुंजाइश मिलती है।
सबसे संभावित: यदि गूगल सर्च प्रस्तुति और प्ले स्टोर के दिशा-निर्देशन नियमों में व्यावहारिक बदलाव प्रकाशित करता है, तो वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था से पहले से लैस डेवलपर्स अगले महीनों में प्रत्यक्ष पेशकशों का परीक्षण पहले करेंगे। उपयोगकर्ताओं को चेकआउट के अधिक विकल्प दिखेंगे, जबकि गूगल को उसे फिर से बनाने के बजाय केंद्रीय मंच बनाए रखने का अवसर मिलेगा। यह स्थिति तब मजबूत होती है, जब संशोधित नीतियां स्पष्ट रूप से दिखने वाली पेशकशों की अनुमति दें और आयोग आवधिक दंड न लगाए।
सकारात्मक संभावना: यदि गूगल के बदलाव तुलना सेवाओं और डेवलपर्स, दोनों के लिए बाधाएं वास्तव में घटाते हैं, तो प्रतिस्पर्धियों को ग्राहक ध्यान और लेनदेन तक अधिक उपयोगी पहुंच मिल सकती है। डेवलपर्स प्रत्यक्ष भुगतान संबंधों पर अधिक प्रयास कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं को अधिक ऐप्स में वैकल्पिक पेशकशें दिख सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि प्रचार वास्तव में दिखाई दे, केवल कागज पर अनुमत न हो।
नकारात्मक संभावना: यदि गूगल का क्रियान्वयन सीमित रहता है या आयोग उसे अपर्याप्त मानता है, तो आवधिक दंड लग सकते हैं और व्यावहारिक प्रतिस्पर्धा में बहुत कम बदलाव आ सकता है। डेवलपर्स वैकल्पिक भुगतानों में निवेश टाल सकते हैं, जबकि तुलना सेवाएं परिणामों की प्रस्तुति से बंधी रह सकती हैं। यह रास्ता तब अधिक संभावित होगा, यदि गूगल के संशोधन ऐसी पाबंदियां जोड़ें जो अपनाने से हतोत्साहित करें या व्यवहार में प्रतिस्पर्धियों की पहुंच न सुधारें।
आगे क्या देखना है
गूगल की संशोधित यूरोपीय संघ सर्च और प्ले स्टोर नीतियां तत्काल कसौटी हैं। इनमें तृतीय-पक्ष सर्च सेवाओं के निष्पक्ष व्यवहार और प्ले स्टोर के भीतर तथा बाहर वैकल्पिक भुगतानों के प्रचार, दोनों को शामिल किया जाना चाहिए।
समय-सीमा के बाद, आयोग का आकलन बताएगा कि क्या बदलाव उल्लंघनों को दूर करते हैं या आवधिक दंड लागू होते हैं। इसके बाद बाजार-स्तरीय प्रमाण आएगा: क्या डेवलपर्स वास्तव में यूरोपीय संघ के उपयोगकर्ताओं के सामने वैकल्पिक पेशकशें रखते हैं।
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