आइबरसीरीज़ एंड प्लातिनो इंडुस्ट्रिया ने यूरो-अटलांटिक सीरीज़ को-प्रो पिच प्रोग्राम शुरू किया है। मैड्रिड की इस नई पहल का उद्देश्य विकासाधीन टीवी परियोजनाओं को वित्तपोषण, निर्माण और वितरण के साझेदारों से जोड़ने में मदद करना है। यह विवरण वैरायटी की रिपोर्टिंग पर आधारित है।
पहले संस्करण में स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस, पुर्तगाल, जर्मनी, स्वीडन, फ़िनलैंड, कनाडा और उरुग्वे की परियोजनाएं शामिल होंगी। इनके साथ योटेबोरी फ़िल्म फ़ेस्टिवल और सीरिएनकैंप से जुड़ी दो आमंत्रित परियोजनाएं भी होंगी। 29 सितंबर को पूरे दिन बैठकें होंगी, जिसके बाद 30 सितंबर को सिनेटेका मातादेरो में सार्वजनिक प्रस्तुति होगी। आइबरसीरीज़ एंड प्लातिनो इंडुस्ट्रिया का आयोजन मैड्रिड में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होगा।
नौ परियोजनाएं ड्रामा, वृत्तचित्र, थ्रिलर, कॉमेडी और ऐतिहासिक रूप से पृष्ठभूमि वाली किशोरावस्था की कहानियों तक फैली हैं। इनमें स्पेन का फ़िल्मोत्सव घोटाले पर आधारित ड्रामा “कॉलबैक”, मालवालांडा की खिलाड़ी और मातृत्व पर केंद्रित डॉक्यूसीरीज़ “हार्टबीट्स”, जिसकी योजना 2027/28 के लिए है, और कनाडा-बेल्जियम थ्रिलर “इन मेमोरियम, सीज़न 2” शामिल हैं। वैरायटी के अनुसार, “हार्टबीट्स” को मैड्रिड समुदाय से विकास के लिए वित्तपोषण मिला है।
असर का दायरा कैसे बढ़ सकता है
इसका तत्काल लाभ चुने गए निर्माताओं को मिलेगा, जिन्हें संभावित साझेदारों के साथ एकल और बहु-पक्षीय सत्रों में भाग लेने का अवसर होगा। यदि ये चर्चाएं वित्तपोषण, सह-निर्माण या वितरण की प्रतिबद्धताओं में बदलती हैं, तो संबंधित कलाकारों और तकनीकी दलों की परियोजनाएं अगले वर्ष के दौरान निर्माण के और करीब पहुंच सकती हैं। हालांकि, यदि बैठकों से समझौते नहीं होते या वित्तपोषण अधूरा रह जाता है, तो यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी।
प्रभाव का आकलन
निर्माताओं के लिए यह कार्यक्रम आयोजन के दौरान संभावित सीमा-पार साझेदारों तक पहुंचने का एक व्यवस्थित अवसर देता है। परियोजनाओं पर विचार कर रही कंपनियों के लिए यह मूल्यांकन के वास्ते यूरोपीय और अटलांटिक शीर्षकों का दायरा बढ़ाता है, हालांकि उन्हें स्वयं तय करना होगा कि विकासाधीन किन परियोजनाओं में निवेश उचित है। मैड्रिड के दृश्य-श्रव्य आयोजन परिवेश के लिए यह अतिरिक्त कार्यक्रम बाजार की गतिविधि बढ़ाता है, हालांकि इसका दीर्घकालिक महत्व सत्रों के बाद उभरने वाली साझेदारियों पर निर्भर करेगा।
संभावित परिदृश्य
हमारा अनुमानित आकलन: सबसे संभावित: यदि कार्यक्रम तय समय पर आगे बढ़ता है और साझेदारों को अपनी जरूरतों के अनुकूल परियोजनाएं मिलती हैं, तो चुने गए निर्माता मैड्रिड के बाद के हफ्तों में सीमा-पार चर्चाएं आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, छह से 12 महीनों के भीतर केवल कुछ परियोजनाओं द्वारा वित्तपोषण, सह-निर्माण या वितरण व्यवस्थाओं की घोषणा किए जाने की संभावना है। नए साझेदारों के नाम, निर्माण कार्यक्रम और औपचारिक सौदों की घोषणाएं इस दिशा की पुष्टि करेंगी।
अनुकूल स्थिति: यदि कई परियोजनाओं को ऐसे साझेदार मिलते हैं जो वित्तपोषण, निर्माण क्षमता और वितरण सहयोग उपलब्ध करा सकें, तो अगले वर्ष कई शीर्षक विकास से निर्माण के चरण में पहुंच सकते हैं और चयनित परियोजनाओं के इर्द-गिर्द सीमा-पार काम बढ़ सकता है। निर्माण शुरू होने की पुष्टि और नामित मंचों या वितरण साझेदारों की घोषणा इसके सबसे स्पष्ट संकेत होंगे।
प्रतिकूल स्थिति: यदि संभावित साझेदारों को पर्याप्त व्यावसायिक मेल नहीं मिलता, तो कार्यक्रम मुख्यतः दृश्यता और नेटवर्किंग तक सीमित रह सकता है। ऐसे में निर्माताओं को अन्यत्र वित्त की तलाश जारी रखनी होगी और निर्माण की समय-सीमाएं अनिश्चित रहेंगी। जिन परियोजनाओं के साझेदार घोषित नहीं होते और जो विकास चरण में ही बनी रहती हैं, वे इस परिणाम की ओर संकेत करेंगी।
आगे किन बातों पर नजर रहेगी
पहली तत्काल कसौटी यह होगी कि 29 सितंबर की बैठकें और 30 सितंबर की सिनेटेका मातादेरो प्रस्तुति योजना के अनुसार होती हैं या नहीं। लंबी अवधि में वित्तपोषण, सह-निर्माण, निर्माण या वितरण सौदों की घोषणाएं बताएंगी कि क्या पिच कार्यक्रम बातचीत को ठोस प्रतिबद्धताओं में बदल सका। मालवालांडा द्वारा 2027 या 2028 में “हार्टबीट्स” के निर्माण की पुष्टि एक अलग ठोस पड़ाव होगी।
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