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कोर्टनी लॉज़ और जो मार्चेंट को इंग्लैंड के प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा

इंग्लैंड के रक्षा कोच रिचर्ड विगल्सवर्थ का कहना है कि कोर्टनी लॉज़ और जो मार्चेंट को शरदकालीन टीम के लिए इंग्लैंड चयन पर फिर विचार किए जाने हेतु सेल शार्क्स में गैलाघर प्रीमियरशिप के प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

प्रीमियरशिप रग्बी में उनकी वापसी से पात्रता बहाल हुई है, लेकिन इंग्लैंड के कोचों ने मौजूदा टीम सदस्यों की तुलना में बेहतर क्लब प्रदर्शन को वापसी का रास्ता बनाया है।

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क्या बदला

स्काई स्पोर्ट्स की रिपोर्टिंग के अनुसार, फ्रांसीसी क्लबों से लौटने के बाद फिर से पात्र होने के बावजूद सेल शार्क्स के कोर्टनी लॉज़ और जो मार्चेंट को स्टीव बोर्थविक के हालिया इंग्लैंड शिविर में शामिल नहीं किया गया। रक्षा कोच रिचर्ड विगल्सवर्थ का कहना है कि मौजूदा इंग्लैंड विकल्पों से बेहतर प्रदर्शन कर शरदकालीन टीम में जगह बनाने के लिए उनके पास पांच प्रतिस्पर्धी मुकाबले हैं।

यह क्यों मायने रखता है

पात्रता ने उनके लिए दरवाज़ा फिर खोल दिया है, लेकिन इससे दोनों में से किसी की जगह तय नहीं हुई है। लॉज़ के पास इंग्लैंड के लिए खेलने का भरपूर अनुभव है, जबकि मार्चेंट मध्य पंक्ति में एक और विकल्प देते हैं। मगर विगल्सवर्थ की बात साफ़ है: प्रीमियरशिप में अच्छी वापसी भर से समूह में पहले से शामिल खिलाड़ियों की स्थिति नहीं बदलेगी।

इससे सेल के अगले पांच मैच सबकी नज़रों के सामने होने वाले ऑडिशन बन जाते हैं। दमदार प्रदर्शन इंग्लैंड के चयनकर्ताओं को स्थापित प्राथमिकताओं पर फिर विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है। अगर दोनों में से कोई भी खिलाड़ी किसी प्रतिद्वंद्वी से साफ़ तौर पर आगे नहीं निकलता, तो सेल के पास दो चर्चित खिलाड़ी बने रहेंगे और इंग्लैंड का मौजूदा मुख्य समूह जस का तस रहेगा।

हमारा आकलन (सूचित अनुमान): तत्काल दबाव लॉज़ और मार्चेंट की पोज़िशन पर खेल रहे मौजूदा खिलाड़ियों पर पड़ेगा। यदि सेल दोनों में से किसी को लगातार अवसर देता है और वह उनका लाभ उठाता है, तो शरदकाल से पहले चयन की होड़ और तीखी हो जाएगी। यदि ऐसा नहीं होता, तो इंग्लैंड लौटने से केवल प्रतिस्पर्धा करने का उनका अवसर बहाल हुआ होगा।

ऐतिहासिक समानांतर

द गार्जियन की मई 2018 की रिपोर्टिंग में डैनी सिप्रियानी की इंग्लैंड में वापसी की कोशिश भी घरेलू उपलब्धता और क्लब फॉर्म पर निर्भर थी, जबकि उनके सामने चयन के लिए पहले से स्थापित खिलाड़ियों का समूह था। बीबीसी स्पोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी कैप 2018 में आया था और वह 2019 विश्व कप की अंतिम टीम में जगह नहीं बना सके।

समानता चयनकर्ताओं के तर्क में है: क्लब फॉर्म किसी खिलाड़ी को फिर से चर्चा में ला सकता है, लेकिन लगातार चयन विकल्पों से ऊपर रहने पर निर्भर करता है। अहम अंतर यह है कि सिप्रियानी ने अंतरराष्ट्रीय संन्यास नहीं लिया था, जबकि लॉज़ ले चुके हैं; साथ ही मार्चेंट और लॉज़ अलग-अलग पोज़िशन के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। देखना होगा कि क्या सेल का फॉर्म ऐसा स्पष्ट मामला बनाता है जिसे इंग्लैंड के कोच नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।

प्रभाव आकलन

लॉज़ और मार्चेंट ने सेल के ज़रिए इंग्लैंड के चयन तक फिर पहुंच हासिल कर ली है, लेकिन जब तक उनका प्रदर्शन मौजूदा टीम सदस्यों के स्तर से ऊपर नहीं जाता, उनकी स्थिति कमजोर रहेगी। यह मुकाबला आने वाले हफ्तों में सामने आएगा।

इंग्लैंड के मौजूदा फ़ॉरवर्ड और मध्य पंक्ति के खिलाड़ियों के लिए चयन की कसौटी कड़ी हो सकती है, यदि सेल के दोनों खिलाड़ियों में से कोई फॉर्म में आता है। सेल के लिए वापसी से अतिरिक्त पहचान मिलेगी, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए खिलाड़ियों को छोड़ने की मांग भी पैदा हो सकती है। इंग्लैंड के चयनकर्ताओं को बड़ा विकल्प-समूह मिलेगा और शरदकालीन टीम इस बात का व्यावहारिक फैसला होगी कि अनुभव और क्लब फॉर्म ने संतुलन बदला है या नहीं।

परिदृश्य

सबसे संभावित

यदि इंग्लैंड के मौजूदा खिलाड़ी अपना क्लब फॉर्म बनाए रखते हैं, तो लॉज़ और मार्चेंट अगले पांच मुकाबलों में सीधे चुनौतीकर्ता रहेंगे, लेकिन हालिया शिविर के मुख्य समूह को नहीं हटा पाएंगे। यही सबसे संभावित रास्ता है, क्योंकि विगल्सवर्थ ने कहा है कि उन्हें स्थापित प्रतिद्वंद्वियों की बराबरी नहीं, बल्कि उनसे आगे निकलना होगा। सेल के लिए नियमित शुरुआत और लगातार योगदान उनके दावों को मजबूत करेंगे; शिविर से काफी हद तक अपरिवर्तित शरदकालीन टीम इस रास्ते की पुष्टि करेगी।

सकारात्मक संभावना

यदि लॉज़ या मार्चेंट संबंधित पोज़िशन पर मौजूदा खिलाड़ी से साफ़ तौर पर बेहतर फॉर्म दिखाता है और इंग्लैंड को उस पोज़िशन पर ज़रूरत होती है, तो उसे शरदकाल में वापसी मिलती है। तब सेल ने क्लब स्तर पर मिले मौकों को अंतरराष्ट्रीय रग्बी में वापसी के रास्ते में बदल दिया होगा, जबकि इंग्लैंड को एक अनुभवी विकल्प मिलेगा। पांच मुकाबलों के बाद चयन, और कोचों का यह मानना कि उस पोज़िशन की स्थिति बदल गई है, इस बदलाव का संकेत होगा।

नकारात्मक संभावना

जब तक दोनों में से कोई खिलाड़ी साफ़ तौर पर बेहतर दावा पेश नहीं करता, दोनों पात्र होने के बावजूद शरदकालीन टीम से बाहर रहेंगे। सेल उनकी उपलब्धता बनाए रखेगा और इंग्लैंड का मौजूदा चयन समूह अपनी जगहों पर कायम रहेगा। सीमित भागीदारी, चोट, या ऐसा प्रदर्शन जो किसी भी खिलाड़ी को दूसरों से अलग न करे, घटनाओं को इसी दिशा में ले जाएगा।

आगे क्या देखें

  • पांच मुकाबलों के बाद घोषित होने वाली इंग्लैंड की शरदकालीन टीम।
  • सेल शार्क्स के लिए लॉज़ और मार्चेंट का खेलने का समय और फॉर्म।
  • क्या विगल्सवर्थ या बोर्थविक कहते हैं कि दोनों में से कोई खिलाड़ी इंग्लैंड के मौजूदा विकल्पों से आगे निकल गया है।
Sources (4)
  1. Sky SportsEngland rugby squad: Courtney Lawes and Joe Marchant told to ‘go above’ Gallagher Prem rivals to earn spot back
  2. theguardian.comDanny Cipriani turned down French clubs to keep England hopes alive
  3. bbc.co.ukDanny Cipriani: Ex-England fly-half retires from professional rugby
  4. theguardian.comEngland’s Eddie Jones defends dropping ‘superman’ Danny Cipriani

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